Ayodhya में राम मंदिर किसने बनाया था और किसने तोडा था ? - dharam.tv

November 9, 20191min380

अयोध्या ( Ayodhya) हिन्दुओं के प्राचीन और 7 पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। यह प्राचीन नगर रामायण काल से भी पुराना है। अयोध्या (Ayodhya) ने बहुत कुछ देखा और भोगा है। आओ जानते हैं अयोध्या के बारे में कुछ ख़ास तथ्य

अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) किसने बनाया था?

महाभारत के युद्ध के बाद अयोध्या (Ayodhya) उजड़-सी हो गई, मगर श्रीराम जन्मभूमि का अस्तित्व फिर भी बना रहा। ऐसा कहा जाता है कि यहां जन्मभूम पर कुश ने एक मंदिर बनवाया था। इसके बाद यह उल्लेख मिलता है कि ईसा के लगभग 100 वर्ष पूर्व उज्जैन के चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य ने यहां एक भव्य मंदिर के साथ ही कूप, सरोवर, महल आदि बनवाए। कहते हैं कि उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि पर काले रंग के कसौटी पत्थर वाले 84 स्तंभों पर विशाल मंदिर का निर्माण करवाया था। इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती थी। विक्रमादित्य के बाद के राजाओं ने समय-समय पर इस मंदिर की देख-रेख की। उन्हीं में से एक शुंग वंश के प्रथम शासक पुष्यमित्र शुंग ने भी मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। अनेक अभिलेखों से ज्ञात होता है कि गुप्तवंशीय चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय और तत्पश्चात काफी समय तक अयोध्या गुप्त साम्राज्य की राजधानी थी। गुप्तकालीन महाकवि कालिदास ने अयोध्या का रघुवंश में कई बार उल्लेख किया है। यहां पर 7वीं शताब्दी में चीनी यात्री हेनत्सांग आया था। उसके अनुसार यहां 20 बौद्ध मंदिर थे तथा 3,000 भिक्षु रहते थे और यहां हिन्दुओं का एक प्रमुख और भव्य मंदिर भी था, जहां रोज हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने आते थे।

 किसने तोड़ा था अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) ?

विभिन्न आक्रमणों के बाद भी सभी झंझावातों को झेलते हुए श्रीराम की जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर 14वीं शताब्दी तक बचा रहा। कहते हैं कि सिकंदर लोदी के शासनकाल के दौरान यहां भव्य मंदिर मौजूद था। 14वीं शताब्दी में हिन्दुस्तान पर मुगलों का अधिकार हो गया और उसके बाद ही राम जन्मभूमि एवं अयोध्या को नष्ट करने के लिए कई अभियान चलाए गए। अंतत: 1527-28 में इस भव्य मंदिर को तोड़ दिया गया और उसकी जगह बाबरी ढांचा खड़ा किया गया। कहते हैं कि मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर के सेनापति मीर बकी ने बिहार अभियान के समय अयोध्या में श्रीराम के जन्मस्थान पर स्थित प्राचीन और भव्य मंदिर को तोड़कर एक मस्जिद बनवाई थी, जो 1992 तक विद्यमान रही।

|| श्री राम स्तुति || Dharam Tv

राम जन्मभूमि विवाद कब से हैं?

कुछ लोग मानते हैं कि यह विवाद 1813 का नहीं है जब पहली बार हिन्दू संगठनों ने दावा किया कि यह भूमि हमारी है। यह विवाद तब का भी नहीं है जब 1853 में इस स्थान के आसपास पहली बार सांप्रदायिक दंगे हुए। यह विवाद तब का भी नहीं है जब 1859 में अंग्रेजी प्रशासन ने विवादित जगह के आसपास बाड़ लगा दी और मुसलमानों को ढांचे के अंदर और हिंदुओं को बाहर चबूतरे पर पूजा करने की अनुमति दी गई थी। यह विवा तब का भी नहीं है जब फरवरी 1885 में महंत रघुबर दास ने फैजाबाद के उप-जज के सामने याचिका दायर कर मंदिर बनाने की इजाजत मांगी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
कुछ लोग मानते हैं कि यह विवाद 1949 का भी नहीं है जबकि बाबरी ढांचे के गुम्बद तले कुछ लोगों ने मूर्ति स्थापित कर दी थी। यह विवाद तब का (1992) का भी नहीं है जबकि भारी भीड़ ने विवादित ढांचा ध्वस्त कर दिया था। वस्तुत: यह विवाद 1528 ईस्वी का है, जब एक मंदिर को तोड़कर बाबरी ढांचे का निर्माण कराया गया था।

 Subscribe our Channel  Click Here 👇🏻👇🏻

Liked it? Take a second to support Arvind Sharma on Patreon!




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


About us

AMSG MEDIA INFOLINE is a knowledge centric organization, hosting one of its kinds of website “dharam.tv” we are providing premium online information services in field of Religious, Ritual, Spirituality, Festivals & Cultural Activities, Astrologers, Guru, Pandit and related information’s in line. Our motto is for spreading knowledge that is useful to everyone.


CONTACT US

CALL US ANYTIME


Liked it? Take a second to support Arvind Sharma on Patreon!