विष्णु स्तुति के चमत्कारी मंत्र पूरी करेंगे हर अधूरी मुराद पूरी

October 5, 20181min3010

विष्णु स्तुति (vishnu stuti)

इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लेगों के पास पूजा-पाठ करने का ज्यादा समय नहीं होता. ऐसे में भगवान विष्णु की उपासना इस छोटी सी मंत्र स्तुति से करें. धर्मशास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु के किसी भी रूप के स्मरण मात्र से ही समस्त मनोरथ सिद्ध हो जाते है। अत: जीवन में सफलता पाने के लिए निम्न दी गई विष्णु स्तुति का यह उपाय, बहुत ही चमत्कारी एवं सिद्ध माना गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित भवानी शंकर वैदिक के अनुसार नियमित भगवान विष्णु का स्मरण करने से जीवन के समस्त संकटों का नाश होता है तथा धन-वैभव की प्राप्ति होती है।

विष्णु स्तुति (vishnu stuti)

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्

वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

शान्ताकारं – जिनकी आकृति अतिशय शांत है, वह जो धीर क्षीर गंभीर हैं,

भुजग-शयनं – जो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए हैं (विराजमान हैं),

पद्मनाभं – जिनकी नाभि में कमल है,

सुरेशं – जो ‍देवताओं के भी ईश्वर और

विश्वाधारं – जो संपूर्ण जगत के आधार हैं, संपूर्ण विश्व जिनकी रचना है,

गगन-सदृशं – जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं,

मेघवर्ण – नीलमेघ के समान जिनका वर्ण है,

शुभाङ्गम् – अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो अति मनभावन एवं सुंदर है

लक्ष्मीकान्तं – ऐसे लक्ष्मीपति,

कमल-नयनं – कमलनेत्र (जिनके नयन कमल के समान सुंदर हैं)

योगिभिर्ध्यानगम्यम् – (योगिभिर – ध्यान – गम्यम्) – जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किए जाते हैं, (योगी जिनको प्राप्त करने के लिया हमेशा ध्यानमग्न रहते हैं) वन्दे विष्णुं – भगवान श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ (ऐसे परमब्रम्ह श्री विष्णु को मेरा नमन है)

भवभय-हरं – जो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, जो सभी भय को नाश करने वाले हैं

सर्वलोकैक-नाथम् – जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, सभी चराचर जगत के ईश्वर हैं