शनि दोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय: टैरो कार्ड रीडर भावना शर्मा - dharam.tv

September 23, 20171min10530

शनि दोष से मुक्ति के उपाय (shani-dosh-se-mukti-ke-upay)

शनि न्यायप्रिय देवता हैं और अच्छे के साथ अच्छा तो बुरे के साथ बुरा परिणाम  देने वाले होते हैं लेकिन कई बार जाने अनजाने में की गई गलतियों के कारण शनि भक्त भी इनके कोप का भाजन बनते हैं। टैरो कार्ड रीडर भावना शर्मा आज बता रही हैं कि शनि दोष दूर करने के लिए क्या करें कौन सी पूजा किस विधान से  करें

क्या होता है शनि दोष

शनि दोष दरअसल जातक की कुंडली में शनि की उस अवस्था को कहते हैं जिसमें वह कष्टदायक हों। इसके कई रूप हो सकते हैं। चूंकि शनि देव धीमी चाल से चलते हैं इसलिये शनि की मार भी लंबे समय तक पड़ती है। इस लिहाज से शनि की ढ़ैय्या, साढ़ेसाती भी शनि दोष ही मानी जाती है

कब लगता है शनि दोष

जब शनि मेष राशि में हो तो वह नीच का माना जाता है जिस कारण इसे शनिदोष भी कहा जाता है। इसके अलावा शनि शत्रु राशि का हो तो भी वह जातक को परेशान करता है। शनि, सूर्य के साथ हो और अस्त न हो रहा हो तो इन परिस्थितियों में भी शनि दोष लगता है। शनि का चंद्रमा के साथ होना भी अशुभ होता है। कुल मिलाकर जब शनि नीच राशि का हो, सूर्य या चंद्रमा के साथ युक्ति बना रहा हो या इन पर दृष्टि डाल रहा हो तो इन अवस्थाओं में शनि दोष लगता है

उपाय 

शनिवार को पीपल के वृक्ष की पूजा विधि-विधान से करें। भागवत के अनुसार पीपल, भगवान श्रीकृष्ण का ही रूप है। शनि दोषों से मुक्ति के लिए पीपल की पूजा ऐसे करें…

नहाने के बाद साफ व सफेद कपड़े पहनें। पीपल की जड़ में केसर चंदन, चावल, फूल मिला पवित्र जल अर्पित करें तिल के तेल का दीपक जलाएं। यहां लिखे मंत्र का जाप करें

शनिवार के एक दिन पहले यानी शुक्रवार को सवा-सवा किलो काले चने अलग-अलग तीन बर्तनों में भिगो दें। अगले दिन नहाकर, साफ वस्त्र पहनकर शनिदेव का पूजन करें और चनों कोसरसो के तेल में छौंक कर इनका भोग शनिदेव को लगाएं और अपनी समस्याओं के निवारण के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद पहला सवा किलो चना भैंसे को खिला दें। दूसरा सवा किलो चनाकुष्ट रोगियों में बांट दें और तीसरा सवा किलो चना मछलियों की खिला दें, इस उपाय से शनिदेव के प्रकोप में कमी होती है

शनिवार को श्रद्धापूर्वक शनि यंत्र की प्रतिष्ठा करके प्रतिदिन इस यंत्र के सामने सरसो के तेल का दीपक जलाएं। नीला या काला फूल चढ़ाएं, ऐसा करने से लाभ होगा। साथ ही इस यंत्र केसामने बैठकर प्रतिदिन शनि स्त्रोत या ऊं शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप भी करें. शनिवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं। सामने शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें व पंचोपचार से विधिवत पूजन करें, इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे किसी एक मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें तथा शनिदेव से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें, यदि प्रत्येक शनिवार को इस बीज मंत्र का इसी विधि से जप करेंगे तो शीघ्र लाभ होगा ऊं ऐं ह्रीं श्रीशनैश्चराय नम:

 

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