मकर संक्रांति पर राजा-महाराजा करते थे लक्ष्मी जी का “विशेष पूजन “

January 11, 20181min6040

घर में ” धन लक्ष्मी” के स्थाई निवास हेतु राजा-महाराजा करते थे विशेष पूजन

मकर संक्रांति के दिन या दीपावली के दिन सर्वत्र विद्यमान, सर्व सुख प्रदान करने वाली माता “महाँ लक्ष्मी जी” का पूजन पुराने समय में हिन्दू राजा महाराजा करते थे. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हम चाहते हैं की आप सभी मित्र अपने-अपने घरों में सपरिवार इस पूजा को करके माँ को श्री यंत्र के रूप में अपने घर में पुनः विराजमान करें।यह पूजन समस्त ग्रहों की महादशा या अन्तर्दशा के लिए लाभप्रद होता है.

पूजा को सिद्ध करने का समय

इस विधि से माता लक्ष्मी की पूजा करने से “सहस्त्ररुपा सर्व व्यापी लक्ष्मी” जी सिद्ध होती हैं. इस पूजा को सिद्ध करने का समय दिनांक 14  जनवरी 2018 को रात्रि 11.30 बजे से सुबह 02.57बजे के मध्य किया जायेगा.

काशी पंचांग के अनुसार भगवान् भास्कर दिनांक 14 जनवरी 2018 दिन रविवार को रात्रि 7 बजकर 35 मिनट पर धनु राशी से मकर राशी में प्रवेश कर जायेंगे. धर्मशास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद लगने वाली संक्रांति का पुण्यकाल दुसरे दिन मध्यान्ह काल तक रहता है अतः मकरसंक्रांति दिनांक 15 जनवरी 2018 को सर्वत्र अपनी –अपनी विविध परम्पराओं के साथ मनाया जायेगा. इसीदिन भगवान् भास्कर उत्तरापथ्गामी हो जायेंगे.

मकर संक्रांति 2018- अपनी राशि के हिसाब से करें दान

मकर संक्रांति का वैज्ञानिक महत्व (Scientific importance of Makar Sankranti)

मकर संक्रांति के समय नदियों में वाष्पन क्रिया होती है. इससेतमाम तरह के रोग दूर हो सकते हैं. इसलिए इस दिन नदियों में स्नान करने का महत्व बहुत है.

मकर संक्रांति में उत्तर भारत में ठंड का समय रहता है। ऐसे में तिल-गुड़ का सेवन करने के बारे में विज्ञान भी कहता है. ऐसा करने पर शरीर को ऊर्जा मिलती है. जो सर्दी में शरीर की सुरक्षा के लिए मदद करता है.

इस दिन खिचड़ी का सेवन करने के पीछे भी वैज्ञानिक कारण है. खिचड़ी पाचन को दुरुस्त रखती है. इसमें अदरक और मटर मिलाकर बनाने पर यह शरीर को रोग-प्रतिरोधक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करती है.

इस प्रकार स्पष्ट है कि सूर्य की उत्तरायण स्थिति का बहुत ही अधिक महत्व है. सूर्य के उत्तरायण होने पर दिन बड़ा होने से मनुष्य की कार्य क्षमता में भी वृद्धि होती है जिससे मानव प्रगति की ओर अग्रसर होता है. प्रकाश में वृद्धि के कारण मनुष्य की शक्ति में भी वृद्धि होती है.

मकर संक्राति 14 जनवरी को जानिए पूजा -व्रत विधि

पौराणिक बातें

मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं. द्वापर युग में महाभारत युद्ध के समय भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति के दिन को ही चुना था. उत्तरायण का महत्व बताते हुए गीता में कहा गया है कि उत्तरायण के छह मास के शुभ काल में, जब सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और पृथ्वी प्रकाशमय रहती है. इसी दिन भागीरथ के तप के कारण गंगा मां नदी के रूप में पृथ्वी पर आईं थीं. और राजा सगर सहित भागीरथ के पूर्वजों को तृप्त किया था.

वेद शास्त्रों के अनुसार

प्रकाश में अपना शरीर छोड़नेवाला व्यक्ति पुन: जन्म नहीं लेता, जबकि अंधकार में मृत्यु प्राप्त होनेवाला व्यक्ति पुन: जन्म लेता है. यहाँ प्रकाश एवं अंधकार से तात्पर्य क्रमश: सूर्य की उत्तरायण एवं दक्षिणायन स्थिति से ही है. संभवत: सूर्य के उत्तरायण के इस महत्व के कारण ही भीष्म ने अपना प्राण तब तक नहीं छोड़ा, जब तक मकर संक्रांति अर्थात सूर्य की उत्तरायण स्थिति नहीं आ गई. सूर्य के उत्तरायण का महत्व उपनिषद में भी किया गया है.

सामान्यत: सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं, किन्तु कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यन्त फलदायक है. यह प्रवेश अथवा संक्रमण क्रिया छ:-छ: माह के अन्तराल पर होती है. भारत देश उत्तरी गोलार्ध में स्थित है. मकर संक्रान्ति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होता है अर्थात् भारत से अपेक्षाकृत अधिक दूर होता है.

इसी कारण यहाँ पर रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है. किन्तु मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना शुरू हो जाता है. अतएव इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है. दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा तथा रात्रि छोटी होने से अन्धकार कम होगा.

अत: मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है. प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतनता एवं कार्य शक्ति में वृद्धि होग. ऐसा जानकर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोगों द्वारा विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की जाती है.


आचार्य राजेश कुमार

mail id: rajpra.infocom@gmail.com





About us

AMSG MEDIA INFOLINE is a knowledge centric organization, hosting one of its kinds of website “dharam.tv” we are providing premium online information services in field of Religious, Ritual, Spirituality, Festivals & Cultural Activities, Astrologers, Guru, Pandit and related information’s in line. Our motto is for spreading knowledge that is useful to everyone.


CONTACT US

CALL US ANYTIME