गुप्त नवरात्री में कब, क्यों, कहाँ, और कैसे करें माँ की पूजा जानिए गुप्त मन्त्र और उपाय - dharam.tv

July 15, 20191min4960

गुप्त नवरात्री (Gupt Navratri 2019) जानिए गुप्त मन्त्र और उपाय, 10 महाविद्याओं की पूजा विधि

शारदीय नवरात्री के वक्त शक्ति की प्रतीक माँ दुर्गा की अाराधना जोर-शोर से की जाती है। हालांकि चैत्र नवरात्री में भी देवी की अराधना बड़े पैमाने पर होती है। क्या अापको पता है कि साल भर में शारदीय और चैत्र नवरात्री के अलावा दो और नवरात्री सहित कुल चार नवरात्र होते हैं। अगर नहीं तो हम अापको बताते हैं। इन दोनों के अलावा दो गुप्त नवरात्री होते हैं। पहले इसके बारे में कम ही लोगों को पता था, लेकिन अब लोग इसके बारे में भी जानने लगे हैं।   महाकाल संहिता और तमाम शाक्त ग्रंथों में इन चारों नवरात्रों का महत्व बताया गया है. इनमे विशेष तरह की इच्छा की पूर्ति तथा सिद्धि प्राप्त करने के लिए पूजा और अनुष्ठान किया जाता है.

गुप्त नवरात्री में मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्री में माता काली के गुप्त स्वरूप की पूजा करने का विधान है। साधक मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।गुप्त नवरात्री में नौ दिनों तक उपवास रखने का विधान बताया गया है। गुप्त नवरात्री में पूजा रात में की जाती है।

गुप्त नवरात्री का महत्व (Importance of Gupt Navratri )

गुप्त नवरात्री में बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना की जाती है। गुप्त नवरात्री को तांत्रिक सिद्धियों की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। पूरे नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। नौ दिन व्रत रखने वाले साधकों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। नमक एवं अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। दिन में सोना नहीं चाहिए। किसी को भी अपशब्द नहीं बोलना चाहिए। नारी का अपमान नहीं करना चाहिए। नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशति का पाठ करना चाहिए।

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक गुप्त नवरात्री (Gupta Navratri) साल में 2 बार आते हैं एक माघ महीने में और दूसरा आषाढ़ महीने में। वर्ष 2019 में गुप्त नवरात्री  जुलाई (आषाढ़ मास में) और फरवरी (माघ मास में ) में थी. गुप्त नवरात्री को तांत्रिक सिद्धियों की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। गुप्त नवरात्री की पूजा के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की बजाय दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। ये दस महाविद्याएं मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी हैं। 

क्या अंतर है सामान्य और गुप्त नवरात्री में? (Difference between normal and Gupt Navaratri)

सामान्य नवरात्री में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा दोनों की जाती है.
वहीं गुप्त नवरात्री में ज्यादातर तांत्रिक पूजा की जाती है.
गुप्त नवरात्री में आमतौर पर ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं किया जाता, अपनी साधना को गोपनीय रखा जाता है .
गुप्त नवरात्री में पूजा और मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा मिलेगी.

क्या होगी गुप्त नवरात्री में मां की पूजा विधि ? (Gupt Navratri 2019 Puja Vidhi )

नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना की जा सकती है.
अगर कलश की स्थापना की है तो दोनों वेला मंत्र जाप,चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए.
 दोनों ही समय आरती भी करना अच्छा होगा .

 मां को दोनों वेला भोग भी लगाएं, सबसे सरल और उत्तम भोग है लौंग और बताशा.
 मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है पर मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिलकुल न चढ़ाएं.
 पूरे नौ दिन अपना खान पान और आहार सात्विक रखें.
गुप्त नवरात्री एक बहुत महत्वपूर्ण एवं तुरंत फलदायक पर्व हैं, कोई श्रद्धालु यदि इन मंत्रों में से किसी एक को भी अपने गुप्त उद्देश्यों अथवा इच्छाओ की प्राप्ति के लिए सच्चे मन से मन्त्र जप करता है तो उसकी सभी मनोकामनाएं बहुत जल्द पूरी हो जाती है।

गुप्त नवरात्री के गुप्त मन्त्र और उपाय ( Gupt Mantra and Upay)

 

गुप्त नवरात्री विशेष रूप से फलदायक एवं उपयोगी है। इस नवरात्रि इन मंत्रों का जप करने से भक्त लाभान्वित होते है और उनकी समस्याओ का सामाधान हो जाता है। यदि आपके अपने पति / पत्नी के साथ मतभेद हैं, तो एक मंत्र है जो आपके मतभेदों को खत्म करने का कार्य करता हैं। इस मंत्र का जप करने के बाद, आपको निश्चित रूप से लाभ होगा। यह मंत्र है सब नार करहि परस्पर प्रीति चलहि स्वधर्म नीरत श्रुति नीति । इस मंत्र का जप करने का अभ्यास करते समय आपको घी की 108 आहुति देनी होती है। सुबह, प्रातःकाल 21 बार इस मंत्र का जप करना चाहिए।
 
 यदि आप अपने बच्चे की बुरी नजर से रक्षा करना चाहते हैं, तो आपको हनुमान चालिसा के श्लोकों का जप करना चाहिए और अपने बाएं पैर के साथ बच्चे के माथे पर सिंदूर लगाना चाहिए।
 
 यदि आप बेरोजगार हैं और रोजगार की तलाश कर रहे है तो भक्त को भैरव बाबा मंदिर में प्रार्थना करनी चाहिए। यह आपकी नौकरी प्राप्ति में निश्चित रूप से सहायता करेगा।
 
 आर्थिक लाभ के लिए, 9 दिनों तक पीपल पेड़ के पत्ते पर राम का नाम लिखें और उन्हें हनुमान मंदिर में अर्पित करे, इससे आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो जायेगा।
 
 स्वस्थ रहने के लिए, 108 बार निम्नलिखित मंत्र का जप करें। यह आपकी अनेक बीमारियों को दूर कर स्वस्थ होने में सहायता करता है और आपका परिवार भी स्वस्थ रहता है। यह मंत्र है ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा श्यामा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।
 
 अगर आपकी शादी में कोई समस्या उत्पन्न हो रही है, तो अपने मंदिर में शिव-पार्वती की एक मूर्ति स्थापित करे और प्रार्थना के बाद, निम्नलिखित मंत्र का 5 बार जाप करें। ॐ शंकराय सकल जन्मार्जित पाप विध्वंशनाय, पुरुषार्थ चतुष्ठाय लभाय च पति म देहि कुरु कुरु स्वहा।
 
अब, आप समझ सकते हैं कि गुप्त नवरात्रि हिंदुओं के महत्वपूर्ण धार्मिक त्यौहार में से एक है। यह हिन्दू सभ्यता के अनुसार बहुत शुभ माना जाता है। लोगों को पौराणकि समय से इसमें आस्था और विश्वास है। मुख्या रूप से, यह देवी माँ शक्ति को प्रसन्न करने के लिए मनाया जाता है ताकि जीवन में कोई तनाव न हो। यहां तक कि यदि आपकी कुछ समस्याएं हैं, तो आप किसी विशेष समस्या के लिए विशेष मंत्रों का जप करके उन समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

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