इन उपाय से करें शनि की साढ़ेसाती और ढैया को दूर

May 6, 20185min5800

15 मई को शनि जयंती मनाई जाएगी तो ऐसा क्या करें जिससे शनिदेव प्रसन्न हो जैसा कि आप सभी जानते हैं इस समय शनिदेव धनुराशि में वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं .

जिससे इस समय वृषभ कन्या राशि वाले शनि की ढैया से पीड़ित चल रहे हैं और साथ ही बात करें वृश्चिक धनु और मकर राशिवालों की तो यह भी शनि की साढ़ेसाती के दौर से गुजर रहे हैं और जिनके जन्मकुंडली में शनि की महादशा चल रही है और जो की कुंडली में ग्रहस्थिति के अकॉर्डिंग सही नहीं है तो वह महादशा भी व्यक्ति को परेशानी में डाल देती है शनि न्याय के देवता है शनि की ढैयावाले शनि की साढ़ेसाती वाले और शनि की महादशा से गुजरने वाले व्यक्तियों की बात करें तो वह निम्न परिस्थितियों से जूझते हुए देखे जाते हैं .

अच्छे काम से पहले बाधाएँ

उनकी ज़िन्दगी में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं। अपने लक्ष्यों के लिए रास्ता बनाने उनको कठिन परिश्रम करना पड़ता है  उनको प्रत्येक अच्छे काम से पहले बाधाएँ ज़रूर आती हैं, इसलिए आपको इन बाधाओँ से नहीं डरना है और अपना सारा ध्यान अपने लक्ष्यों पर रखना है।   विवाहित लोगों को दाम्पत्य जीवन परेशानियों का सामना करना पड़ता है अनावश्यक विवाद भी होते रहते हैं,  कुछ लोग संतान को लेकर परेशान चल रहे हैं

कॅरियर की बात करें, तो कुछ लोग  इस से जूझ रहे हैं   व्यापारियों की बात करें तो व्यापारी वर्ग अपने काम धंधे को लेकर परेशान हैं   सेहत की बात करें, तो  कुछ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी  दिक्क़तें देखने को मिल रही  हैं  कुछ लोग  मानसिक रूप से  अस्वस्थ चल रहे हैं जिससे  व्यक्ति  ठीक से निर्णय नहीं ले पा रहा है अगर  आपके संबंधों की बात करें, तो कुछ रिश्तो को लेकर परेशानी में चल रहे हैं इसलिए कुल मिलाकर व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से शनि की साढ़ेसाती  में  जूझता  हुआ नजर आता है

नेगेटिव को पॉजिटिव में बदलने का अवसर

इसीलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं बहुत ही शुभ दिन शनि जयंती , क्योंकि कहते हैं ना जिस कार्य को सही समय में और सही मुहूर्त में किया जाए तो उसमें असफलता की कोई गुंजाइश नहीं रहती शनि जयंती पर करें विशेष उपाय और पाएं शनि देव के कष्टों से मुक्ति आइए नजर डालते हैं शनि जयंती पर करने वाले विशेष उपायों पर

शनि के प्रकोप से बचने के सरल उपाय

1. सुंदरकांड  का पाठ

सुंदरकांड का पाठ शनि देव की कूर दृष्टि से बचने का अचूक उपाय है। यह पाठ शनि के सभी कष्टों से मुक्ति  दिलाता है

2. शनि के तांत्रिक मंत्र का जाप

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः!

उपरोक्त मंत्र शनि तांत्रिक मंत्र है शनि देव की क्रूर दृष्टि से बचने के लिए और उनका आशीर्वाद पाने के लिए इस इस दिन इस मंत्र का जाप करना बहुत श्रेष्ठ रहेगा

ॐ शं शनैश्चरायै नमः!

यह शनि देव का बीज मंत्र है

शनि ग्रह को प्रसन्न करने के लिए इस मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवंतु नः!

यह मंत्र शनि देव की कृपा दृष्टि पाने का वैदिक मंत्र है। शनि जयंती पर इसका जाप करने से शनि महाराज हमारे कष्टों को दूर करते हैं।

शनिदेव का पौराणिक मंत्र

नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्‌। 

छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्‌॥

शनि की उपासना के लिए शनि के इस पौराणिक मंत्र का जाप करना इस दिन श्रेष्ठ रहेगा

अगर आप इस दिन कार्यों की व्यस्तता के चलते शनि जाप करने में असमर्थ रहते हैं  तो शनि संबंधित चीजों का दान इस दिन बेहतरीन रहेगा

शनि दान

सबसे पहले बात करें शनि की प्रिय वस्तु तेल

तिल, तेल और छायापात्र दान

तिल, तेल और छायापात्र दान शनि देव को अत्यन्त प्रिय हैं इसलिए इन चीज़ों का शनि जयंती के दिन दान शनि ग्रह की शान्ति का प्रमुख उपाय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इनका दान शनि देव द्वारा दिए जाने वाले कष्टों को दूर करता है। छायापात्र दान करने की एक विधि है जो कि बहुत ही सरल है। इसमें मिट्टी के किसी बर्तन में सरसों का तेल लें और उसमें अपनी परछाई देखकर उसे दान कर दें।

शनि संबंधी जड़ी बूटी की बात करें तो इस दिन आप

धतूरे की जड़ धारण करें

इस जड़ को आप हाथ में या गले में धारण कर सकते हैं

इस जड़ी को धारण करने के बाद आपको शनिदेव काआशीर्वाद प्राप्त होने लगेगा.

सात मुखी रुद्राक्ष

और आइए बात करें रुद्राक्ष की

ज्योतिष शास्त्र में सात मुखी रुद्राक्ष शनि ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए इसको धारण करने से जातक को शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और शनि ग्रह से जनित पीड़ा दूर होती है। जो कि शनि जयंती पर एक विशेष उपाय  है इस रुद्राक्ष को आप इस  दिन गंगा जल से धोकर धारण करने से शनि के कष्टों से राहत मिलेगी

इस दिन आप जितना हो सके काले कुत्ते, काली गाय को रोटी और काली चिड़िया को दाना खिलाए जिससे  शनि ग्रह की क्रूर दृष्टि दूर होगी  और बिगड़े बनने लगेंगे

इस दिन शनि जयंती को चीटियों को आटा अथवा मछलियों को दाना खिलौना ना भूलें क्योंकि  इससे आपकी नौकरी में आ रही बाधा है दूर होंगी

शनि जयंती  के दिन शनि ग्रह से संबंधित वस्तुओं (साबुत उड़द, लोहा, तेल, तिल के बीज, काले कपड़े) का दान  दोपहर अथवा शाम को करना अति उत्तम रहेगा

काले घोड़े की नाल या फिर नाव की कील से निर्मित अंगूठी को अपनी मध्यमा उंगली में शनि जयंती के दिन सूर्यास्त के समय धारण करें। यह उपाय शनि के प्रकोप से बचाएगा

शनि जयंती के दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल को जल अर्पित कर उसकी सात बार परिक्रमा करें और सूर्यास्त के बाद पीपल के वृक्ष पर दीपक प्रज्ज्वलित करें। इससे आपको शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा और शनि दोष से मुक्ति मिलेगी।

शनि जयंती पर किए जाने वाले विशेष  कार्य

इस दिन के कार्य की बात करें तो इस दिन

काले रंग के वस्त्रों का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें।

मामा एवं बुजुर्ग लोगों का सम्मान करें।

कर्मचारियों अथवा नौकरों को ख़ुश रखें।

और अब बात करते हैं शनि जयंती पर ऐसा क्या न करें

शनि जयंती पर भूलकर भी

शराब एवं मांस का सेवन न करें।

रात को दूध न पिएँ।

इस दिन

नमक, लकड़ी, रबर, लोहा, काले कपड़े, काली उड़द, चक्की, स्याही, झाड़ू, कैंची आदि चीज़ें न ख़रीदें।

बाल व दाढ़ी न कटवाएं।

अगर आप शनि जयंती पर व्रत करना चाहते हैं क्योंकि इस दिन अमावस्या तिथि है

इसलिए

प्रात:काल स्नान करके ऋषिपितृ तर्पण करने के बाद एक कलश में जल भरें।

शमी अथवा पीपल के पेड़ के नीचे जड़ के पास उस कलश को रखकर एक वेदी बनाएं।

वेदी पर काले रंग से रंगे हुए चावलों द्वारा चौबीस दल का कमल बनाएं।

लोहे अथवा टिन की चादर काटकर बनाई गई शनिदेव की प्रतिमा को स्नान कराकर चावलों से बनाए हुए चौबीस दल के कमल पर स्थापित करे।

काले रंग के गंध, पुष्प, धूप, फूल तथा उत्तम प्रकार के नैवेद्य आदि से पूजन करें।

शनि देव के इन नामों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण करेंकोणस्थ, पिंगलो बभ्रु, कृष्ण रौद्रोतको, यम, सौरि, मंद, शनैश्चर एवं पिप्पला।

पीपल के वृक्ष में सूत के सात धागे लपेटकर सात परिक्रमा करके वृक्ष का पूजन करें।

अगर यह पूजन शनि जयंती के दिन  सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में किया जाए तो श्रेष्ठ फल प्रदान करता है

  इस दिन शनिवार व्रतकथा को भक्ति और प्रेमपूर्वक सुनें और कथा कहने वाले को दक्षिणा दें।

तिल, जौ, उड़द, गुड़, लोहा, सरसों का तेल तथा नीले वस्त्र का   दान करें

अगर यह कार्य शनि जयंती के दिन  आप श्रद्धा और विश्वास से करते हैं तो निश्चय ही आप शनि देव कि कुदृष्टि से बच सकते हैं

Pt. Bhwani Shankar Vaidik

Astrologer





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